भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 25 फरवरी, 2021

 

प्रेस विज्ञप्ति

आयकर विभाग द्वारा हरियाणा में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग की ओर से आज गुडगांव स्थित रियल एस्टेट कंपनी, उसके प्रवर्तकों, निदेशकों और अन्य समूह की कंपनियों के मामले में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के अंतर्गत तलाशी अभियान चलाया गया जिसमें 20 परिसरों को शामिल किया गया। उक्त कंपनी सरकारी ठेकों खासकर सड़क, राजमार्गों, पुलों और रनवे का निर्माण करती है। समूह रियल एस्टेट डेवलपमेंट और आवासीय परिसरों के निर्माण का व्यापार करती है।

तलाशी के दौरान वित्त वर्ष 2012-13 और 2013-14 जिसके लिए कोई कर भुगतान नहीं किया गया, में मुख्य प्रवर्तक और पारिवारिक सदस्यों के नाम पर रू. 25 करोड़ के फर्जी दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति संबंधी प्रमाणों का पता चला।

तलाशी द्वारा यह भी साबित किया गया कि अपनी करयोग्य आय को कम करने के लिए समूह द्वारा रू. 100 करोड़ के उप-अनुबंधों के तौर पर फर्जी व्ययों का दावा किया गया। पार्टियां जिनके नाम पर ऐसे व्ययों को बुक किया गया था वह उनके नाम पर किए गए लेनदेन से अंजान थे और उन्होंने ऐसे किसी भी कार्य को करने से इंकार किया। इस रू. 100 करोड़ की राशि को शेयर कैपिटल और शेयर प्रीमियम के तौर पर समूह की कंपनियों में दुबारा लाया गया।

तलाशी के दौरान आवासीय इकाईयों की बिक्री और संपत्तियों की खरीद के संबंध में कई करोड़ों की नकदी की प्राप्ति और भुगतान का ब्यौरा देते हुए कई संदेहास्पद कागजात और दस्तावेज हाथ लगे। बेनामी संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों को प्राप्त किया गया।

रू. 1 करोड़ की नकदी और लगभग 14000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा मिली जिसे जब्त कर लिया गया है। अभी तक, 15 लॉकरों की पहचान हुई है और उन सभी पर नियंत्रण लगा दिया गया है।

तलाशी चल रही है और आगे की जांच भी प्रक्रियागत है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी