भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 21 फरवरी, 2021

 

प्रेस विज्ञप्ति

आयकर विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग की ओर से 19.02.2021 को श्रीनगर में 100 से अधिक बिस्तर वाले सबसे बडे़ निजी मल्टी स्पैशलिटी अस्पताल चलाने वाले एक समूह के खिलाफ जांच और जब्ती अभियान चलाया गया। 4 आवासीय परिसरों सहित सात परिसरों को इस तलाशी के दौरान शामिल किया गया था।

इस समूह का प्रमुख व्यापार अस्पताल का संचालन, रियल एस्टेट व हाउसहोल्ड पदार्थों का व्यापार करना है।

समूह धीरे-धीरे भूमि के बड़े हिस्सों को खरीदने और उनको इकट्ठा करने में संलग्न है। इसके बाद यह भूमि को विकसित करके और प्लाट काटता है और उनको बेचता है। प्रमाणों से पता चलता है कि खरीददारों से नकद में 50 प्रतिशत से अधिक के प्रतिफल (संपत्ति की पंजीकृत कीमत के अलावा) प्राप्त हुए जिनको तलाशी अभियान के दौरान जब्त कर लिया गया है। नकद में प्राप्त ऐसे बिक्री प्रतिफल को कर के लिए कभी प्रस्तुत नहीं किया गया है।

समूह ने वित्त वर्ष 2013-14 से नकद में रू. 100 करोड़ से अधिक की बेहिसाब संपत्ति संबंधी लेनदेन किया। प्लाट के खरीददारों द्वारा बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किया गया भुगतान/निवेश भी जांच के दायरे में है चूंकि पहला सत्यापन दर्शाता है कि निवेश कर भुगतान आय का प्रयोग करते हुए नहीं किया गया है। इसलिए, मामलों के तथ्यों पर विचार करते हुए कर न केवल विक्रेता समूह पर ही लगाया जाएगा बल्कि खरीददार पर भी लगाया जाएगा। भूमि/प्लॉट की सभी खरीद व बिक्री पर महत्वपूूर्ण टीडीएस संबंधी चूक है।

आगे, तलाशी से संपत्ति की पंजीकृत राशि के अलावा बिक्री प्रतिफल के तौर पर दिए गए नकद पर राज्य सरकार/संघीय प्रदेश को शेष स्टांप ड्यूटी को महत्वपूर्ण तौर पर बचाने का भी खुलासा हुआ है। इस संबंध में सूचना को पूर्ण बिक्री प्रतिफल पर स्टांप ड्यूटी वसूलने के लिए और वर्तमान बाजारी दर के अनुसार सर्किल दरों की अधिसूचना जम्मू-कश्मीर संघशासित प्रदेश के साथ सांझा की जाएगी।

तलाशी के दौरान, यह भी देखा गया कि व्यक्तियों ने विभिन्न असंबंधित व्यक्तियों से उपहार के तौर पर कई प्लाट/भूमि प्राप्त किए और उनको आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 56 के अंतर्गत इस स्रोत से प्राप्त किसी आय को नहीं बताया जबकि यह अन्य स्रोत से आय के तौर पर ग्रहीता के हाथों कर हेतु वसूलनीय है। दानकर्ता के मामलों की भी आयकर से बचने के दृष्टिकोण से जांच की जा रही है।

आगे, घर के इस्तेमाल में प्रयोग किए जाने वाले सामान के व्यापार करने वाले इस समूह का एक करदाता ने वित्त वर्ष 2019-20 में 6 महीने में 2 करोड़ की कीमत के घर के सामान की नकद खरीददारी की जो कर प्रावधानों का उल्लंघन है जो एक समय में रू. 10 हजार से अधिक के भुगतान को केवल बैंकिंग चैनल के माध्यम से ही अनिवार्य करता है।

तलाशी के दौरान विभिन्न बेनामी संपत्तियों के प्रमाण का भी खुलासा किया गया है और उनको जब्त भी किया गया। इसकी भी जांच की जा रही है।

अस्पताल का संचालन करने से प्राप्त रसीदों को छुपाने की जांच भी की जा रही है। अस्पताल द्वारा दिखाया गया औसत कारोबार वित्त वर्ष 2015-16 से लगभग रू. 10-12 करोड़ है हालांकि, जब्त किए गए प्रमाण बताते हैं कि वास्तविक प्राप्तियां कम से कम चार गुणा अधिक हैं। रू. 3.00 करोड़ के नकद भुगतान, जोकि वर्तमान वर्ष में विभिन्न डॉक्टरों का किया गया, को दर्शाते हुए प्रमाण को भी जांच के दौरान जब्त किए गए।

रू. 82.75 लाख के नकद और रू. 35.7 लाख के आभूषण व बुलियन को भी जब्त किया गया चूंकि संबंधित व्यक्ति जिसके पास यह सब था, वह इसको स्पष्ट नहीं कर सका। एक बैंक लॉकर को भी सील कर दिया गया है।

आगे, की जांच चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी