भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 12 जनवरी, 2021

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा हैदराबाद में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग की ओर से 07/01/2021 को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट देने के मामले में चिन्हित किए गए उद्यमों के संबंध में की गई पूछताछ के साथ नकली उप-ठेकेदार/फर्जी उद्यमों का प्रयोग करते हुए आयकर बचाने के मामले में जांच के आधार पर तलाशी और जब्ती कार्रवाई की गई।

तलाशी तेलंगाना में कार्य करने वाले एक प्रसिद्ध सिविल ठेकेदार के मामले में की गई जो नकली उप-ठेकेदारी और फर्जी बिलों का प्रयोग करते हुए नकदी अर्जित करता है। यह तलाशी हैदराबाद के 19 ठिकानों पर की गई। इस तलाशी में नकली बिलिंग के माध्यम से बड़ी मात्रा में नकदी अर्जित करने और एंट्री ऑपरेटरों का रैकेट चलाने वाले व्यक्तियों के गिरोह को भी शामिल किया गया।

बेहिसाब राशि को छुपाने और जारी किए गए नकली बिलों जिसमें नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को पास किया जाता था, के बदले नकदी निकालने के लिए एंट्री ऑपरेटरों की ओर से कई फर्जी उद्यमों/फर्मों को प्रयोग किया गया था। ऐसे एंट्री ऑपरेटरों, उनके नकली सांझेदार/कर्मचारियों, लाभार्थियों के नकदी संचालकों को भी रिकार्ड किया गया, जो साफ तरीके से पूरी पैसे के लेनदेन को मान्यकृत करता है।

इस तलाशी से बिचौलियों की ओर से संचालित हो रही फर्जी उद्यमों के माध्यम से दिए जा रहे फर्जी उप-ठेकेदारी के प्रमाणों को जब्त करने में मदद मिली। एंट्री ऑपरेटरों, बिचौलियों, नकदी संचालकों, लाभार्थियों और शामिल फर्म और कंपनियों के पूरे तंत्र के ब्यौरे सहित बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी उत्पन्न करने के इस तरीके के प्रयोग के प्रमाण का फंडाफोड किया गया। पैन ड्राइव, पुन: प्राप्ति मेल सहित डिजिटल डेटा के फोरेंसिक विश्लेषण इस संबंध में निर्णायक प्रमाण साबित हुए।

अभी तक रू. 160 करोड़ से अधिक के अकोमोडेशन एंट्री दर्शाने वाले दस्तावेजों को पहले ही खोजा और जब्त किया जा चुका है।

आगे की जांच चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी