भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 26 दिसंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा गुवाहाटी में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के तीन प्रमुख ठेकेदारों के मामलें में 22.12.2020 को तलाशी और सर्वेक्षण अभियान चलाया। एक समूह हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी कार्यरत है। खोज और तलाशी अभियान गुवाहाटी, दिल्ली, सिलापठार और पाठशाला (असम) में 14 जगहों पर चलाया गया।

तीनों समूहों के खिलाफ मुख्य आरोप हैं कि इन्होंने अवास्तविक असुरक्षित ऋण के रूप में अकोमोडेशन एंट्री की और साथ ही संदेहात्मक कोलकाता स्थित फर्जी कंपनियों से प्रतिभूति प्रीमियम भी लिया। तीन समूहों ने वर्षों के दौरान अपने शुद्ध लाभ को छुपाया और गुवाहाटी और कोलकाता स्थित एंट्री ऑपरेटरों के माध्यम से बेहिसाब आय को व्यापार में दुबारा प्रयोग किया।

तलाशी कार्रवाई के दौरान, यह बताया गया कि फर्जी कंपनियां जिनसे ऋण/प्रीमियम लिया गया केवल कागज पर मौजूद थी और उनको कोई वास्तविक व्यापार और साख नहीं है। एंट्री ऑपरेटरों, ने पूछताछ किए जाने पर स्वीकार किया कि समूहों को फर्जी कंपनियों द्वारा दिए गए असुरक्षित ऋण/शेयर प्रीमियम नकली और फर्जी हैं। तलाशी के दौरान प्रतिभूति प्रीमियम के माध्यम से ऋणों को स्थानांतरित करने के लेनदेन के प्रमाण का भी पता लगाया गया। यह स्थापित किया गया कि लगभग रू. 65 करोड़ की राशि को उन फर्जी कंपनियों को शामिल करते हुए नियमित बही खातों में दुबारा दिखाया गया जिन्होंने समूह की बेहिसाब आय को वास्तव में प्रदर्शित किया। इस कार्यप्रणाली का प्रयोग करते हुए कर अपवचंन में शामिल वास्तविक मात्रा का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।

तलाशी अभियान के दौरान इकट्ठा किया गया कि एक समूह 50 प्रतिशत तक के अनुपात में हॉस्पिटैलिटी संबंधी व्यापार में बड़ी मात्रा में नकदी लेनदेन में शामिल रहा जिसकी जांच की जा रही है। आगे यह भी इकट्ठा किया गया है कि समूहों की कुछ उद्यम नकद में आभूषण खरीदने में भी शामिल था। नकद में खरीदी के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

अबतक, रू. 9.79 लाख की कीमत के आभूषण जब्त किये जा चुके हैं। रू. 2 करोड़ से अधिक के मिले शेष आभूषण के अधिग्रहण के स्रोत की जांच चल रही है। रू. 2.95 करोड़ की नकदी को भी जब्त किया गया है। कुल मिलाकर, तलाशी और सर्वेक्षण अभियान के दौरान लगभग रू. 100 करोड़ की अघोषित आय का पता लगाया गया है। एक लॉकर भी मिला है, जिसे अभी भी संचालित किया जा रहा है।

आगे की जांच चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी