भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

 

नई दिल्ली, 30 दिसंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

समय सीमा का विस्तार

 

कोविड-19 के प्रकोप के कारण कानूनी और नियामकों के अनुपालन को पूरा करने में करदाताओं को हो रही परेशानियों को देखते हुए, सरकार 31 मार्च, 2020 को कराधान एवं अन्य कानून (कुछ प्रावधानों की छूट) अध्यादेश, 2020 (अध्यादेश) लाई है जो, अन्य विषयों के साथ-साथ समय सीमा को बढ़ाती है। अध्यादेश को तब से कराधान एवं अन्य कानून (कुछ प्रावधानों की छूट और संशोधन) अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।

2. सरकार ने अध्यादेश के अंतर्गत 24 जून, 2020 को एक अधिसूचना जारी की थी जो अन्य विषयों के साथ-साथ वित्त वर्ष 2019-20 (निर्धारण वर्ष 2020-21) के लिए सभी आयकर विवरणियों के लिए नियत तिथि को 30 नवंबर, 2020 तक बढ़ा दिया गया था। इसलिए, आय की विवरणी जिसे 31 जुलाई, 2020 और 31 अक्टूबर, 2020 तक दाखिल किया जाना था उसे 30 नवंबर तक दाखिल किया जाना था। परिणामस्वरूप, आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) के अंतर्गत कर अंकेक्षण रिपोर्ट सहित विभिन्न अंकेक्षण रिर्पोटों को प्रस्तुत करने की तिथि को भी 31 अक्टूबर, 2020 तक बढ़ाया गया था।

3. करदाताओं को आयकर विवरणी प्रस्तुत करने के लिए और अधिक समय देने के लिए, नियत तिथि को अधिसूचना सं. 88/2020/एफ.नं. 370142/35/2020-टीपीएल दिनांक 29 अक्टूबर, 2020 के मार्फत आगे बढ़ाई गई थी।

(क) करदाताओं (उनके सांझेदारों सहित), जिनको अपने खातों को अंकेक्षित करवाना था [जिनके लिए अधिनियम के अनुसार देय तिथि (यानी कथित विस्तार से पूर्व) 31 अक्टूबर, 2020 थी] के लिए आयकर विवरणी को प्रस्तुत करने की देय तिथि 31 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई थी।

(ख) करदाता जिनको अंतर्राष्ट्रीय/निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन [जिनके लिए अधिनियम के अनुसार देय तिथि (यानी कथित विस्तार से पूर्व) 30 नवंबर, 2020 थी] के संदर्भ में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी आवश्यक है, के लिए आयकर विवरणी को प्रस्तुत करने की देय तिथि 31 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई थी।

(ग) अन्य करदाताओं [जिनके लिए अधिनियम के अनुसार देय तिथि (यानी कथित विस्तार से पूर्व) 31 जुलाई, 2020 थी] के लिए आयकर विवरणी को प्रस्तुत करने की देय तिथि 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ा दी गई थी।

(घ) तद्नुसार, अंतर्राष्ट्रीय/निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संदर्भ में कर अंकेक्षण रिपोर्ट और रिपोर्ट सहित अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न अंकेक्षण रिपोर्ट की प्रस्तुति की तिथि को भी 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ा दिया गया था।

4. क्रदाताओं को हो रही परेशानियों को देखते हुए, आयकर विवरणी, कर अंकेक्षण रिपोर्ट की प्रस्तुति और विवाद से विश्वास योजना के अंतर्गत घोषणा करने के समय को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आगे, विभिन्न वर्तमान कार्यवाहियों के अंतर्गत अनुपालन करने के लिए करदाताओं को और अधिक समय देने के लिए विभिन्न प्रत्यक्ष कर व बेनामी अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाहियों को पूरा करने की तिथियों को भी बढ़ा दिया गया है। यह विस्तार निम्न प्रकार से हैं :

 क. करदाताओं (उनके सहभागियों सहित) जिनको अपने खातों को अंकेक्षित करना आवश्यक है और कंपनियां (जिनके लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के प्रावधानों के अनुसार नियत तिथि 31 अक्टूबर, 2020 थी और जिसको 30 नवंबर, 2020 और फिर 31 जनवरी, 2021 तक बढ़ाई गई थी) के लिए निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर विवरणी को प्रस्तुत करने की तिथि को आगे 15 फरवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई है।

 ख. करदाताओं जिनको अंतर्राष्ट्रीय/निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संदर्भ में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी आवश्यक थी (जिनके लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के प्रावधानों के अनुसार देय तिथि 30 नवंबर, 2020 और जिसे 31 जनवरी, 2021 तक बढ़ाई गई थी] के लिए निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर विवरणी की प्रस्तुति की देय तिथि को आगे 15 फरवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई है।

 ग. अन्य करदाताओं [जिनके लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के प्रावधानों के अनुसार नियत तिथि 31 जुलाई, 2020 थी और जिसको 30 नवंबर, 2020 और फिर 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाई गई थी] के लिए निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर विवरणी को प्रस्तुत करने की देय तिथि को आगे 10 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई है।

 घ. निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए अंतर्राष्ट्रीय/निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन के संदर्भ में कर अंकेक्षण रिपोर्ट और रिपोर्ट सहित अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न अंकेक्षण रिपोर्ट की प्रस्तुति की तिथि को आगे 15 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

  ड़. विवाद से विश्वास योजना के अंतर्गत घोषणा करने के लिए अंतिम तिथि को 31 जनवरी, 2021 से 31 दिसंबर, 2020  तक बढ़ा दी गई है

 च. विवाद से विश्वास योजना के अंतर्गत आदेशों को पारित करने की तिथि जिसे 30 जनवरी, 2021 तक पारित किया जाना है, को 31 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई है

 छ. प्रत्यक्ष कर व बेनामी अधिनियमों जिनको 30 मार्च, 2021 तक पारित/जारी/बनाया जाना आवश्यक है, के अंतर्गत प्राधिकारियों द्वारा नोटिस को जारी करने या आदेश को तामील करने के लिए तिथि को भी 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दी गई है।

5. आगे, स्व-मूल्यांकन कर के भुगतान के मामले में छोटे और मध्यम श्रेणी के करदाताओं के लिए तीसरी बार राहत देने के लिए स्व-मूल्यांकन कर तिथि के भुगतान की देय तिथि को एतद्द्वारा दुबारा बढ़ाया गया है। तद्नुसार, करदाताओं जिनकी स्व-मूल्यांकित कर देयता रू. 1 लाख तक की है, के लिए स्व-मूल्यांकन कर के भुगतान की देय तिथि को पैरा 4(क) और पैरा 4(ख) में निर्दिष्ट करदाताओं के लिए 15 फरवरी, 2021 तक और पैरा 4(ग) में निर्दिष्ट करदाताओं के लिए 10 जनवरी, 2021 तक बढ़ा दी गई है।

6. सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 44 के अंतर्गत वार्षिक विवरणी की प्रस्तुति की देय तिथि को भी 31 दिसंबर, 2020 से 28 फरवरी, 2021 तक बढ़ा दी है।

7. इस संदर्भ में आवश्यक अधिसूचनाओं को समय से जारी किया जाएगा।