भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 07 दिसंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा असम में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग ने असम के प्रमुख कोयला व्यापारियों के मामले में 04/12/2020 को तलाशी और सर्वेक्षण कार्यवाही की। तलाशी और सर्वेक्षण कार्यवाहियां गुवहाटी, डिगबोई, मार्गरिटा और दिल्ली में 21 स्थानों पर की गई।

समूह के सामने मुख्य आरोप है कि इन्होंने कोलकाता स्थित कुछ फर्जी कंपनियों के माध्यम से क्रमश: अवास्तविक शेयर पूंजी और अवास्तविक असुरक्षित ऋणाों के रूप में रू. 23 करोड़ और रू. 62 करोड़ से अधिक की अकोमोडेशन एंट्री को ठिकाने लगाया। यह सब इनके सही शुद्ध लाभ को छुपाकर किया गया।

तलाशी अभियान के दौरान, यह बताया गया कि समूह बही खातों से बाहर के लेनदेन करता रहा है। नकद लेनदेन के संबंध में हस्तलिखित दस्तावेज/डायरी मिली जिसे नियमित बही खातों में प्रदर्शित नहीं किया गया था। सभी स्थानों को मिलाकर अभी तक ऐसे प्राप्त लेनदेन रू. 150 करोड़ से अधिक हैं जिसमें से कुल रू. 100 करोड़ से अधिक के किए गए भुगतान, आयकर अधिनियम, 1961 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन करते पाए गए। ऐसे जब्त दस्तावेज बड़ी मात्रा में है और जिनकी आगे की जांच की जा रही है।

आगे, नकद में किए गए ऋण संबंधी लेनदेन रू. 10 करोड़ से अधिक के थे। रू. 7 करोड़ से अधिक का स्टॉक अंतर भी मिला और इसके संबंध में कोई पर्याप्त स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

समूह के एक उद्यम द्वारा नियंत्रित कोलकाता स्थित फर्जी कंपनी के कार्यालय में कोई बही खाते और अनिवार्य आरओएसी दस्तावेज नहीं मिले जो यह बताती है कि समूह की बेहिसाब आय को ठिकाने लगाने के लिए ही एक नकली उद्यम का इस्तेमाल किया गया।

तलाशी के दौरान लगभग रू. 3.53 करोड़ का बेहिसाब नकद भी मिला जिसे विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया है। विमुद्रीकरण अवधि के दौरान शेयर पूंजी में नकद निवेश के सबूत भी मिले।

आगे की जांच चल रही है

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी