भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 13 नवंबर, 2020

प्रेस विज्ञप्ति

 

रियल एस्टेट डेवलपर और घर के खरीददरों के लिए आयकर राहत

 

माननीय वित्त मंत्री द्वारा 12 नवंबर, 2020 को घोषित किए गए आत्म निर्भर भारत पैकेज 3.0 के हिस्से के तौर पर रियल एस्टेट डेवलपर और घर के खरीददरों के लिए आयकर राहत कुछ आयकर राहत संबंधी उपाय किए गए थे।

2018 तक, आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 43गक को घोषित किए गए प्रतिफल से अधिक के सर्किल रेट के मामले में रियल एस्टेट फेहरिस्त के स्थानांतरण के लिए बिक्री प्रतिफल के तौर पर स्टांप ड्यूटी राशि (सर्किल दर) के इरादे से मुहैया कराया गया था। तद्नुसार, स्टांप ड्यूटी राशि को अधिनियम की धारा 56(2)(ग) के अंतर्गत खरीददार के मामले में बिक्री प्रतिफल के तौर पर समझा गया था।

रियल एस्टेट डेवलपर और घर के खरीददरों को राहत देने के लिए वित्त अधिनियम, 2018 को 5 प्रतिशत के सेफ हार्बर उपलब्ध कराता है। तद्नुसार, यह विचारनीय प्रावधान वहीं लागू होंगे जहां बिक्री/खरीद प्रतिफल और सर्किल रेट के बीच का अंतर 5 प्रतिशत से अधिक था। इस मामले में और अधिक राहत देने के लिए, वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा इस सेफ हॉर्बर को 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। इसलिए, वर्तमान में सर्किल दर रियल एस्टेट डेवलपर और घर के खरीददरों के लिए केवल वहां बिक्री/खरीद प्रतिफल समझा जाता है जहां समझौता दर और सर्किल दर के बीच का अंतर 10 प्रतिशत से अधिक है।

रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग को प्रोत्साहन देने के लिए और रियल एस्टेट डेवलपर को सर्किल दर की तुलना में वास्तविक कम दर पर उनकी न बेची गई इनवेंटरी को निबटाने के लिए और घर के खरीददरों को लाभ देने के लिए रू. 2 करोड़ तक की कीमत के आवासीय इकाइयों के प्राथमिक बिक्री के संदर्भ में 12 नवंबर, 2020 से 30 जून, 2021 तक की अवधि के लिए अधिनियम की धारा 43गक के अंतर्गत सेफ हॉर्बर को 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार, 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक सेफ हॉर्बर को बढ़ाकर राहत कथित अवधि के लिए अधिनियम की धारा 56(2)(x) के अंतर्गत इन आवासीय इकाइयों के खरीददारों के लिए भी स्वीकृत की जाएगी। इसलिए, इन लेनदेनों के लिए सर्किल दर को केवल तभी बिक्री/खरीद प्रतिफल के तौर पर समझा जाएगा यदि समझौता राशि और सर्किल दर के बीच का अंतर 20 प्रतिशत से अधिक हो।

इस संदर्भ में कानूनी संशोधन समय से प्रस्तावित किया जाएगा।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी