भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 12 नवंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा तमिलनाडु में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग ने चेन्नई से व्यापार करने वाले एक प्रमुख थोक बुलियन और स्वर्ण आभूषण के डीलर के मामले में 10/11/2020 को तलाशी अभियान चलाया। तलाशी चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, कोयबंटूर, सेलम, तिरूची, मदुैर और तिरुनेल वेली स्थित 32 परिसरों पर की गई।

प्रमाणों से खुलासा हुआ कि निर्धारिती ने विभिन्न स्थानों पर बेहिसाब स्टॉक रखे हुए हैं। लगभग रू. 400 करोड़ की कीमत के लगभग 814 किग्रा अतिरिक्त स्टॉक की पहचान की गई थी और कर के अंतर्गत लाया जाएगा। चूंकि यह एक व्यापारिक स्टॉक है, इसे जब्त नहीं किया जा सका चूंकि आयकर अधिनियम, 1961 व्यापारिक स्टॉक को जब्त करने से रोकता है। समूह द्वारा नियंत्रित सिस्टम से प्राप्त आंकड़े दर्शाते हैं कि केवल वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ही बही खातों में रू. 102 करोड़ की शुद्ध आय नहीं दर्शाई गई। वित्त वर्ष 2019-20, 2020-21 के उपलब्ध आंकड़ों को सिस्टम से फोरेंसिक टूल के माध्यम से हटाया गया। इसी प्रकार, संबंधित उद्यमों के व्यापारिक परिसरों में 50 किग्रा का अतिरिक्त स्टॉक बरामद हुआ जिसे जब्त नहीं किया गया बल्कि बेहिसाब आय की गणना के लिए निर्धारित किया गया।

समूह व्यापार के सही तथ्यों को चालाकी से छुपाने के लिए jpac नामक विशेष तौर पर तैयार पैकेज का अनुरक्षण करता रहा है। उत्पादों को कच्चे-पक्के अनुमान के तौर पर बिल/रसीदों को बढ़ाकर स्थानांतरित किया जाता था जिसे उत्पादों की सुपुर्दगी पर नष्ट कर दिया जाता। अभी तक प्राप्त आंकड़ों को प्राप्त किए गए डेटा के आधार पर अन्य पार्टियों के बेहिसाब लेनदेन का खुलासा करने के लिए प्राप्त किया जाएगा। विशेष टूल का प्रयोग करते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञ बेहिसाब आय की अंतिम मात्रा तक पहुंचने के लिए और अधिक आंकड़ों को खंगाल रहे हैं।

अभी तक की जांच से रू. 500 करोड़ से अधिक की अघोषित आय का पता चला है। वास्तव में, निर्धारिती ने अभी तक मिली अघोषित आय में से रू. 150 करोड़़ का खुलासा अपनी ओर से कर दिया है। समूह की गैर-व्यापारिक निवेश और लाभ को कम करने के लिए अकोमोडेशन एंट्री के प्रयोग की जांच भी चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी