भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 15 दिसंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा तमिलनाडू में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग ने कर चोरी के बारे में गुप्त सूचना के आधार पर चेन्नई से संचालन करने वाले एक प्रमुख व्यापारिक समूह के परिसरों में 9.12.2020 को तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। तलाशी में चेन्नई, तिरूची, कोयंबटूर, आंध्र प्रदेश के विभिन्न स्थान, कर्नाटक और मुंबई में स्थित 60 स्थानों को शामिल किया गया। व्यापारिक गतिविधियों में सीमेंट विनिर्माण, लॉजिस्टिक, निर्माण, और भी अन्य शामिल है।

तलाशी की मुख्य बात विभिन्न स्थानों से रू. 23 करोड़ का बेहिसाब नकद को जब्त करना है। सावधि जमा के रूप में रू. 110 करोड़ तक की विदेशी परिसंपत्ति भी तलाशी के दौरान जब्त की गई जिसे विवरणी में घोषित नहीं किया गया था, और जिस पर काला धन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। नकदी निकालने के लिए व्यय का स्फीतिकरण और साथ ही लाभ को कम करने के लिए भी, प्राप्तियों को पूर्णता नहीं गिना गया, रू. 435 करोड़ से संबंधित मूल्यह्रास का नकली दावे की भी पहचान की गई। यह स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में चिकित्सा प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति शुल्क रसीदों के भी संकेत मिले।

तलाशी के दौरान, विभिन्न बंदरगाहों पर तीन अवसंरचना सुविधाओं की बिक्री के लिए तलाशे गए समूह और अन्य समूह के बीच वास्तविक वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा मिला। स्थानांतरण में से उत्पन्न पूंजीगत प्राप्तियों को कम करने के लिए स्पष्ट रूप से अपने खुद के उद्यम से नकली देयताएं बनाकर जटिल वित्तीय व्यवस्था की गई थी। लगभग रू. 280 करोड़ की राशि की पूंजीगत प्राप्ति का भी समाधान किया गया। इसी प्रकार, समूह के अंतर्गत नकली इंटर कार्पोरेट लेनदेन के माध्यम से बड़ी मात्रा में पूंजी के प्रयोग की भी जांच की जा रही है।

बड़ी मात्रा में समूह से संबंधित लॉकर की भी पहचान की जा चुकी है जिसे सही समय पर संचालित किया जाएगा। अभी तक विभाग को रू. 700 करोड़ से अधिक की आय को बचाने का पता लगाने में सफलता मिली है।

जांच अस्थाई तौर पर पूरी कर ली गई है और आगे की जांच अभी चल रही है

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी