भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 26 नवंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

 

सीबीडीटी द्वारा कर अंकेक्षण रिपोर्ट को अपलोड करते समय आईसीएआई पोर्टल से प्राप्त विशिष्ट दस्तावेज पहचान संख्या (यूडीआईएन) का मान्यकरण

 

द इंस्ट्टीयूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया ने अपने राजपत्र अधिसूचना दिनांक 2 अगस्त, 2019 में प्रत्येक प्रकार के प्रमाणपत्र/कर अंकेक्षण रिपोर्ट और उनके सदस्यों द्वारा किए गए अन्य अनुप्रमाणन जैसा विभिन्न नियामकों द्वारा आवश्यक है, के लिए आईसीएआई की वेबसाइट www.icai.org से यूडीआईएन को प्राप्त करना अनिवार्य किया था। इसे अपने आप को चार्टेड अकाउंटेंट के तौर पर प्रस्तुत करने वाले फर्जी सीए द्वारा जारी नकली प्रमाणपत्रों पर लगाम लगाने के लिए प्रारंभ किया गया था।

अन्य सरकारी एजेंसियों और निकायों के साथ एकीकरण के लिए आयकर विभाग की वर्तमान पहल के अनुरूप आयकर ई-दाखिलीकरण पोर्टल ने चार्टेड अकाउंटेंट द्वारा सत्यापित/प्रमाणित दस्तावेजों के लिए उनके द्वारा आईसीएआई पोर्टल से प्राप्त विशिष्ट दस्तावेज पहचान संख्या (यूडीआईएन) के मान्यकरण के लिए इंस्ट्टीयूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट (आईसीएआई) पोर्टल के साथ अपने एकीकरण को पूरा किया है।

यह ध्यान दिया जा सकता है कि उक्त अनिवार्यता के साथ तालमेल बिठाने के लिए आयकर ई-दाखिलीकरण पोर्टल ने एक चार्टेड अकाउंटेंट द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 का पालन करते हुए प्रमाणित/सत्यापित दस्तावेजों हेतु प्रभावी तिथि 27 अप्रैल 2020 से यूडीआईएन को उद्धृत करना पहले ही वास्तव में अनिवार्य कर दिया था। इस प्रणालीगत स्तर के एकीकरण के साथ, ई-दाखिलीकरण पोर्टल में चार्टेड अकाउटेंट द्वारा जमा अंकेक्षण रिपोर्ट/प्रमाणपत्रों के लिए दी गई यूडीआईएन को आईसीएआई के साथ ऑनलाइन मान्यकृत किया जाएगा। इसे आईसीएआई द्वारा विधिवत तौर पर प्रमाणकृत न होने वाली नकली या गलत कर अंकेक्षण रिपोर्ट को हटाने में मदद मिलेगी।

यदि किसी कारण से, एक चार्टेड अकाउंटेंट अंकेक्षण रिपोर्ट/प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करने से पूर्व यूडीआईएन को प्राप्त नहीं कर पाया तो आयकर ई-दाखिलीकरण ई-पोर्टल चार्टेड अकाउंटेंट द्वारा आयकर ई-दाखिलीकरण पोर्टल पर प्रस्तुति की तिथि से 15 कैलेंडर वर्षों के अंदर प्रपत्र हेतु प्राप्त यूडीआईएन को अद्यतन करने पर ऐसी प्रस्तुति की अनुमति दे सकते हैं। यदि अंकेक्षेण रिपोर्ट/प्रमाणपत्र के लिए यूडीआईएन को इसके लिए दिए गए 15 दिनों के अंदर अद्यतन नही किया जाता है तो ऐसी अपलोड की गई अंकेक्षण रिपोर्ट/प्रमाणपत्र को अमान्य प्रस्तुति के तौर पर समझा जाएगा।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी