भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 06 नवंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा केरल में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग ने केरल में तिरूवाला के प्रसिद्ध स्वयंभू प्रचारक और ऐसे विभिन्न न्यासों के उनके समूह के मामले में 05.11.2020 को तलाशी अभियान चलाया जो धर्मांर्थ/धार्मिक न्यासों के तौर पर आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत छूट का लाभ लेते हैं। समूह देशभर में प्रार्थना स्थलों, कई विद्यालयों और कॉलेजों, केरल में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का संचालन करता है। इस कार्यवाही में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, चंडीगढ़, पंजाब और तेलंगाना में मौजूद 66 परिसरों को शामिल किया गया।

तलाशी प्राप्त हुई पुख्ता जानकारी के आधार पर की गई जिसमें बताया गया कि समूह को गरीबों और बेसहाराओं की मदद और धर्म का प्रसार करने के लिए विदेशी राष्ट्रों से दान प्राप्त हुआ लेकिन वास्तव में ऐसे करमुक्त फंड को निजी और रियल एस्टेट लेनदेनों में अन्य अवैध व्ययों के लिए बेहिसाब नकद लेनदेनों में प्रयोग करने हेतु नकद में निकाला गया।

समूह देशभर के पंजीकृत लगभग 30 न्यासों का संचालन करता है और उनमें से अधिकतर केवल कागजों पर मौजूद हैं और ऐसा पाया गया कि इनका प्रयोग बेहिसाब फंड प्रचलन में लाने और समायोजित लेनदेन के लिए प्रयोग किया गया।

यह पाया गया कि समूह की कार्यप्रणाली अन्य पार्टियों की मदद से खर्चों को तरीके से बढ़ाकर दिखाना था जो बदले में समूह के कार्यकर्ताओं को घरेलू हवाला चैनल के माध्यम से नकद में बढ़ाई गई राशि को वापस देते। इनमें से कुछ अन्य पार्टियों को भी तलाशी अभियान में शामिल किया गया। तलाशी अभियान के दौरान प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं की खरीद, निर्माण व्यय, रियल एस्टेट को विकसित करने संबंधी व्यय, वेतन भुगतान आदि को प्रणालीगत रूप से बढ़ाकर दिखाने संबंधी प्रमाण मिले।

इस तलाशी से कई रियल एस्टेट लेनदेनों का खुलासा हुआ जिसमें बेहिसाब नकदी भुगतान शामिल है। संबंधित दस्तावेज जैसे बिक्री समझौते आदि को भी जब्त किया गया है। समूह ने रियल एस्टेट लेनदनों में कीमतों को भी ऐसे बढ़ाकर दिखाया जैसे कि राशि दान में प्राप्त हुई हो व जिसे न्यासों की गतिविधियों पर खर्च किया जा रहा है। अभी तक मिले दस्तावेज इशारा करते हैं कि नकदी में वसूले जा रहे फंड सैकड़ों करोड़ रूपए हो सकते हैं।

तलाशी के दौरान लगभग रू. 6 करोड़ की बेहिसाब नकदी भी मिली जिसमें दिल्ली में पूजास्थल की एवज में रू. 3.85 करोड़ भी शामिल हैं।

पर्याप्त इलैक्ट्रानिक कॅम्प्यूटिंग और डेटा स्टोरेज भी मिले जिनकी जांच की जा रही है।

आगे की जांच चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी