भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश में तलाशी अभियान

 

आयकर विभाग द्वारा बिजनौर स्थित रियल एस्टेट का व्यापार करने वाले समूह और उनके सहायकों के मामले में 28.10.2020 को आयकर विभाग द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया। ऐसे आरोप थे कि समूह की कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में आरश्रित सुरक्षा प्रीमियम और संबंधित पार्टियों/अन्यों से ऋण और उधार के रूप में बड़ी देनदारियां और अन्य देय राशियां थी फिर भी उन्होंने अन्यों को पर्याप्त ऋण उधार दिया था। समूह की बिक्रियां दिखाए गए ऋण और उधार से नहीं मिलती थी।

तलाशी के दौरान रू. 50 लाख से अधिक का बेहिसाब नकद और लगभग 2.5 किलो भार के बेहिसाब आभूषण मिले। अभी तक, शेयर प्रीमियम से संबंधित आरोप तलाशी के दौरान सही पाए गए हैं। वह संबंधित शेयरधारकों, जो उनके स्रोत को स्पष्ट नहीं कर सके, की आय के अनुरूप नहीं हैं।

तलाशी के दौरान, 20 से अधिक कंपनियां का संचालन एक परिसर से चलाया जाना पाया गया जिसमें से कई नकली कंपनियां थीं और उनके कोई ऑपरेटर नहीं थी। कंपनियों की कोई कमाई नहीं थी लेकिन बड़ी मात्रा में शेयर प्रीमियम दिखाया गया। नकली कंपनियों को फंड को छुपाने के लिए एक वाहक के तौर पर प्रयोग किया जा रहा था।

समूह के एक सदस्य का वित्तीय हित यूके में स्थित विदेशी कंपनी में है और लंदन में एक संपत्ति, उसमें निवेश के स्रोत पर पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा, कई संपत्तियों में निवेश से संबंधित भेदभावपूर्ण दस्तावेजों को भी कई परिसरों से वसूला गया और इसकी जांच की जा रही है। समूह द्वारा नियंत्रित संपत्तियों में निवेश के स्रोत को प्रमाणित किया जा रहा है। तलाशी के दौरान कुछ भुगतान/प्राप्तियों से संबंधित हस्तलिखित कागजात भी मिले जिनकी जांच की जा रही है।

अभी तक 6 बैंक लॉकर मिले हैं और आगे की जांच चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी